एम.एस.ई.बी. बल्लारपुर की कार्यप्रणाली से उपभोक्ता परेशान .! जनता ने मनमानी व तानाशाही का लगाया आरोप .!
बल्लारपुर (का.प्र.) : बल्लारपुर शहर में महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एम.एस.ई.बी.) की कथित तानाशाही कार्यप्रणाली से आम उपभोक्ता त्रस्त हो चुके हैं। शहर के विभिन्न वार्डों से लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं कि विद्युत बिल की देय तिथि समाप्त होने से पहले ही उपभोक्ताओं के मीटर काटे जा रहे हैं, जिससे जनता को अनावश्यक मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं से हमे मिली जानकारी का आरोप है कि, समय रहते बिजली बिल का भुगतान करने के बावजूद भी बिना पूर्व सूचना के कनेक्शन काट दिए जाते हैं। इसके बाद बिल भुगतान होने पर पुनः कनेक्शन जोड़ने के लिए ₹300 का अतिरिक्त रि-कनेक्शन शुल्क वसूला जा रहा है, जिसे जनता “भूरदंड” बताते हुए खुला शोषण करार दे रही है।
इस माह के विद्युत बिल को लेकर भी गंभीर नाराजगी देखी जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस महीने के बिल में पिछले बकाया बिल को जोड़ दिया गया, जिससे भुगतान की अंतिम तिथि शेष रहने के बावजूद भी उन्हें डिफॉल्टर मानकर कनेक्शन काटने की कार्रवाई की गई। इससे नागरिकों में रोष व्याप्त है और एम.एस.ई.बी. की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि एम.एस.ई.बी. बल्लारपुर कार्यालय में शिकायत करने पर भी उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, न तो संतोषजनक जवाब दिया जाता है और न ही राहत। जनता का कहना है कि वे अपनी समस्या लेकर किसके पास जाएं, यह बड़ा प्रश्न बन गया है। नागरिकों ने आरोप लगाया है कि अरविंद कातकर (डिप्टी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, बल्लारपुर) तथा
पिंपलशेंड (असिस्टेंट इंजीनियर, बल्लारपुर) की कथित मनमानी और तानाशाहीपूर्ण रवैये के कारण ही उपभोक्ताओं को यह सब झेलना पड़ रहा है।
शहरवासियों ने मांग की है कि देय तिथि से पूर्व मीटर काटने की कार्रवाई तत्काल बंद की जाए, अवैध रूप से वसूला जा रहा रि-कनेक्शन शुल्क वापस लिया जाए तथा उपभोक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, जनता ने उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से इस पूरे मामले में हस्तक्षेप कर एम.एस.ई.बी. बल्लारपुर की कार्यप्रणाली की जांच कराने की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन और विभागीय वरिष्ठ अधिकारी जनता की इस गंभीर समस्या पर कब और क्या संज्ञान लेते हैं, या बल्लारपुर की जनता यूं ही बिजली विभाग की मनमानी का शिकार बनी रहेगी।
