पत्रकारों को डराने-धमकाने वालों की अब खैर नहीं!, एसपी से लेकर विधायक तक पहुंचा पत्रकारों का आक्रोश .!
बल्लारपुर (का.प्र.) : बल्लारपुर में पत्रकारों की आवाज़ को दबाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्यवाही तय मानी जा रही है। पत्रकारों को धमकाने और डराने वाले असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने की मांग को लेकर महाराष्ट्र पत्रकार संघ शाखा बल्लारपुर ने एक के बाद एक बड़े दरवाज़े खटखटाए, जिससे प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। कल गुरुवार को जिला पुलिस अधीक्षक मुम्मक्का सुदर्शन से प्रत्यक्ष भेंट कर पत्रकार संघ के अध्यक्ष रमेश निषाद ने लिखित निवेदन सौंपते हुए साफ शब्दों में कहा कि बिना किसी जांच के पत्रकारों पर दबाव बनाना और धमकियां देना लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने आरोपियों पर तत्काल कठोर कार्यवाही की मांग की। इतना ही नहीं, पत्रकारों की व्यथा यहीं नहीं रुकी।
बल्लारपुर विधानसभा के लोकप्रिय और दबंग विधायक सुधीरभाऊ मुनगंटीवार से भी प्रत्यक्ष मुलाकात कर पूरी आपबीती सुनाई गई। विधायक को सौंपे गए निवेदन में पत्रकारों की सुरक्षा, स्वतंत्रता और निष्पक्ष कार्य करने के अधिकारों पर हो रहे हमलों का विस्तार से उल्लेख किया गया, जिस पर विधायक ने गंभीरता से संज्ञान लेने का आश्वासन दिया। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। प्रादेशिक परिवहन अधिकारी लोही साहेब को भी निवेदन देकर आलापल्ली से बल्लारशाह डिपो आने वाले ओवरलोड वाहनों पर तत्काल कड़ी कार्यवाही की मांग की गई। पत्रकारों ने सवाल उठाया कि जब नियम खुलेआम रौंदे जा रहे हैं, तो जिम्मेदार विभाग मौन क्यों है?
इस पूरी कार्रवाई के दौरान महाराष्ट्र पत्रकार संघ शाखा चंद्रपुर के तालुका अध्यक्ष संजय तिवारी, मुबारक शेख, शिवदास शर्मा सहित अनेक पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे यह साफ संदेश गया कि अब पत्रकार समाज चुप बैठने वाला नहीं है। अब सवाल ये है क्या डराने-धमकाने वालों पर सच में गिरेगी गाज? क्या ओवरलोड वाहनों के खुले खेल पर लगेगा ब्रेक? बल्लारपुर की जनता और पत्रकारों की निगाहें अब प्रशासन की अगली चाल पर टिकी हैं। क्योंकि अब यह लड़ाई सिर्फ पत्रकारों की नहीं, बल्कि सच की है!


