ज्योतिबा जूनियर कॉलेज में 528 वा इंटरनेशनल एकाउंटिंग डे मनाया गया..!
नागपुर (वि.प्र.) - 10 नवंबर 1494 को इटालियन व्यापारी व वाणिज्य विचारक लुका डी बार्गो पैसिओलि ने द्विवनोंद पद्धति का आविष्कार किया। जिसके चलते छोटे बड़े सभी व्यापारी वर्ग व व्यवसाय को हिसाब रखना आसान हो गया।
आज के समय व्यक्तिगत अकाऊंटिंग सामाजिक संस्थाओं की व्यक्तिगत अकाऊंटिंग भी की जाती है। जिससे अनावश्यक खर्च रोक प्रगति पथ पर जाते आता है। क्योंकि बचत होंगी तभी इनवेस्टमेंट कर लाभ प्राप्त कर आर्थिक रूप से सक्षम होते आयेगा।गरीब,गरीब इसलिए है क्योंकि उसके पास इनवेस्टमेंट के लिए पैसे नही है और अमीर, अमीर इसलिए है क्योंकि उसके पास इनवेस्टमेंट के लिए बहुत पैसा है और पैसा ही पैसे को लाता है। अर्थात इनवेस्टमेंट कर ही आर्थिक प्रगति की जा सकती है परंतु यह संभव तभी है जब कमाई को देख सिर्फ आवश्यक खर्च ही करना चाहिए व ज्यादा से ज्यादा बचत कर ज्यादा से ज्यादा इनवेस्टमेंट करना चाहिए।आज जिन व्यवसायीओं की प्रगति हुई है उसमे एकाउंटिंग का बहुत बड़ा योगदान है और यह संभव हुआ जब इटालियन व्यापारी व वाणिज्य विचारक लुका डी बार्गो पैसिओलि ने द्विवनोंद पद्धति का आविष्कार किया।
10 नवंबर यह दिन हर व्यक्ति प्यारी व कॉमर्स पढ़नेवाले व्यावसायिक शिक्षण लेने वाले सभी विद्यार्थीओं के लिए महत्वपूर्ण है।इसलिए महत्वता को देखते हुए ज्योतिबा जूनियर कॉलेज नंदनवन नागपुर में 528 वा इंटरनेशनल एकाउंटिंग डे कॉलेज के प्राचार्य श्री. जी एन लांबट इनकी अध्यक्षता में व सुपरवायजर श्री. संजय घारपूरे प्रा.दत्तु गीते प्रा.विनोद वंजारी प्रा. निलेश गंथाडे प्रा.राहुल जी गौर प्रा.सौ मिनल पोटे,प्रा.सौ.ठवकर प्रा.कादंबरी बांगडकर प्रा विजय वासनिक प्रा. रजत चिकनकर इनकी प्रमुख उपस्थिति में मनाया गया।


